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खाद्य मंत्रालय चीनी मिलों को 7,400 करोड़ का सस्ता कर्ज और देगी

सरकार चीनी मिलों को कम ब्याज पर 7,400 करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर्ज देने की तैयारी कर रही है। यह कर्ज हाल में शुरू की गई योजना के तहत एथनॉल उत्पादन क्षमता स्थापित करने के लिए दिया जाएगा। खाद्य मंत्रालय जून में शुरू की गई इस योजना के तहत यह सुनिश्चित करने पर विचार कर रहा है कि नॉनमोलासेस डिस्टलरीज भी नई एथनॉल निर्माण क्षमता लगाने या उसके विस्तार के लिए सस्ता कर्ज ले पाएं। योजना के तहत सरकार ने मिलों को 4,400 करोड़ का कर्ज देने और 5 साल के लिए 1,332 करोड़ की ब्याज सहायता देने की घोषणा की है। इसमें एक साल तक ब्याज न चुकाने की छूट की अवधि भी शामिल है। अतिरिक्त सस्ता कर्ज देने पर मंजूरी लेने के लिए नियमों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। फिलहाल योजना के तहत मोलासेस-आधारित डिस्टलरीज को ही इसकी अनुमति है। सस्ते कर्ज के लिए 282 आवेदन आए, 114 को मंजूरी खाद्य मंत्रालय को 13,400 करोड़ रुपए के सस्ते कर्ज के लिए 282 आवेदन मिले हैं। इसमें से 6,000 करोड़ रुपए की कर्ज राशि के 114 आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है। शेष 168 आवेदनों के लिए मंत्रालय और 7,400 करोड़ रुपए का सस्ता कर्ज देने क...

छत्तीसगढ़ में कमज़ोर कांग्रेस को जीत की राह दिखानेवाले भूपेश बघेल

भूपेश बघेल की काले रंग की एसयूवी का माइलो मीटर इस समय बताता है कि यह गाड़ी अब तक 1,97,000 किलोमीटर चल चुकी है. उनके ड्राइवर बताते हैं कि यह गाड़ी उनके पास मार्च 2015 से है. अध्यक्ष बनने के बाद जिन दो गाड़ियों का उपयोग उन्होंने किया उनको भी जोड़ दिया जाए तो वे अब तक 2 ,75,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर चुके हैं. यह बताता है कि पिछले पांच वर्षों से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का पद संभाल रहे भूपेश बघेल ने किस तरह से इस छोटे से प्रदेश में बड़ी यात्राएं की हैं और ये यात्राएं सिर्फ़ वाहनों से नहीं हुई हैं. उन्होंने पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर लगभग एक हज़ार किलोमीटर की पदयात्राएं भी की हैं. जिसमें किसानों से लेकर आदिवासियों के लिए वनाधिकार का मुद्दा है तो जल जंगल ज़मीन से लेकर नोटबंदी से उपजी जनवेदना भी है. मुश्किल वक़्त में संभाली ज़िम्मेदारी भूपेश बघेल ने पार्टी के अध्यक्ष का पद उस समय संभाला था जब प्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व के अग्रिम पंक्ति के शीर्ष नेता झीरम घाटी में एक कथित नक्सली हमले में मार दिए गए थे और कांग्रेस प्रदेश में 0.73 प्रतिशत के छो...

रोज किसी नदी या तालाब में करें दीपदान और तुलसी की पूजा, मिल सकते हैं शुभ फल

इस बार 25 अक्टूबर, गुरुवार से कार्तिक मास शुरू हो रहा है, जो 23 नवंबर, शुक्रवार तक रहेगा। धर्म ग्रंथों में इस मास का विशेष महत्व बताया गया है। भगवान नारायण ने ब्रह्मा को, ब्रह्मा ने नारद को और नारद ने महाराज पृथु को कार्तिक मास के नियमों के बारे में बताया है। कार्तिक मास में 7 नियम प्रधान माने गए हैं , जिन्हें करने से शुभ फल मिलते हैं और हर मनोकामना पूरी हो सकती है। ये नियम इस प्रकार हैं... दीपदान करना कार्तिक मास में सबसे प्रमुख काम दीपदान बताया गया है । इस महीने में नदी, पोखर, तालाब आदि में दीपदान किया जाता है । इससे पुण्य की प्राप्ति होती है। तुलसी पूजा वैसे तो हर महीने तुलसी का सेवन व पूजा करना श्रेयस्कर होता है, लेकिन कार्तिक मास में तुलसी पूजा का महत्व कई गुना अधिक माना गया है। जमीन पर सोना भूमि पर सोना कार्तिक मास का तीसरा प्रमुख काम माना गया है। भूमि पर सोने से मन में सात्विकता का भाव आता है तथा अन्य विकार भी समाप्त हो जाते हैं। न लगाएं तेल कार्तिक महीने में केवल एक बार नरक चतुर्दशी के दिन ही शरीर पर तेल लगाना चाहिए। कार्तिक मास में अन्य दिनों में तेल लगाना ...